नालंदा के वीर सूबेदार सुमन कुमार सिंह का निधन, मुकरामपुर गांव में शोक की लहर

Written by Sanjay Kumar

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विजय प्रकाश उर्फ पिन्नू
नूरसराय (अपना नालंदा)। नालंदा जिले के नूरसराय प्रखंड अंतर्गत ममुराबाद पंचायत के मुकरामपुर गांव के वीर सैनिक, सूबेदार सुमन कुमार सिंह का निधन हो गया। वे लेह–सियाचिन की दुर्गम पहाड़ियों में देश की सेवा में तैनात थे। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव मुकरामपुर पहुंचा तो पूरा इलाका “सुमन सिंह अमर रहें” के नारों से गूंज उठा। नम आंखों से परिजनों, ग्रामीणों और साथी जवानों ने उन्हें अंतिम विदाई दी।
परिजनों और सहकर्मियों के अनुसार सूबेदार सुमन कुमार सिंह एक ईमानदार, अनुशासित और कर्मठ सैनिक थे। वे लंबे समय से भारतीय सेना में रहकर देश की सीमाओं की रक्षा कर रहे थे। लेह के अत्यंत कठिन और प्रतिकूल मौसम में ड्यूटी के दौरान उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। बताया जाता है कि उन्हें पहले पीलिया की शिकायत हुई, जो धीरे-धीरे गंभीर रूप लेते हुए पैरालिसिस और बाद में ब्लड कैंसर में बदल गई।
स्थिति गंभीर होने पर उन्हें सेना के कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां चिकित्सकों की टीम ने लगातार उनका इलाज किया, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनके निधन की सूचना मिलते ही परिवार और पूरे गांव में मातम छा गया।


शनिवार को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो हजारों की संख्या में लोग अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सूबेदार सुमन कुमार सिंह ने देश की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना जीवन समर्पित किया। उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में शहीद के परिवार के साथ खड़ी है और उन्हें मिलने वाली सभी सरकारी सहायता शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी।


शहीद के चचेरे भाई, जो स्वयं केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में उपनिरीक्षक हैं, ने बताया कि सुमन कुमार सिंह करीब एक माह पहले ही लेह से उत्तर प्रदेश के बबीना स्थानांतरित हुए थे, जहां उनकी बीमारी का पता चला। उन्होंने भावुक होकर कहा कि परिवार चाहता है कि गांव या आसपास के क्षेत्र में उनकी स्मृति में एक शहीद स्थल या यात्री शेड का निर्माण कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी वीरता और देशभक्ति से प्रेरणा ले सकें।


परिवार की स्थिति भी काफी भावुक कर देने वाली है। सुमन कुमार सिंह दो भाई थे। उनके पिता स्वर्गीय सुरेंद्र सिंह का निधन लगभग छह माह पहले बीमारी के कारण हो गया था। उनकी 70 वर्षीय माता चिंता देवी का रो-रोकर बुरा हाल है। पत्नी नीलम सिंह भी गहरे सदमे में हैं। उनके परिवार में दो पुत्रियां सलोनी (20 वर्ष) और स्नेहा (18 वर्ष) तथा दो पुत्र अंश राज (14 वर्ष) और यश राज (12 वर्ष) हैं। उनके बड़े पुत्र अंश राज ने अपने पिता को मुखाग्नि दी।
नालंदा जिला मुखिया संघ के पूर्व अध्यक्ष अरविंद यादव ने सूबेदार सुमन कुमार सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करते हुए दिया गया उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि शहीद के परिवार को सभी सरकारी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराई जाएं तथा बिहारशरीफ में उनके नाम पर एक भव्य स्मारक और प्रतिमा स्थापित की जाए।
शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में रणधीर सिंह, जितेंद्र सिंह, पवन सिंह, चंदन कुमार, नीतीश कुमार, निकी कुमार, मुरारी सुमन, धर्मेंद्र सिंह, सुवोध सिंह, श्याम सिंह, विपुल सिंह तथा तारणी सिंह सहित कई स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने शोक व्यक्त करते हुए शहीद के परिवार के प्रति गहरी संवेदना प्रकट की।
सूबेदार सुमन कुमार सिंह का निधन न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र और देश के लिए एक अपूरणीय क्षति माना जा रहा है। उनकी देशभक्ति और सेवा की भावना हमेशा लोगों को प्रेरित करती रहेगी।

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