आर संतोष भारती
कतरीसराय (अपना नालंदा)। बिहार राज्य मध्याह्न भोजन योजना कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रखंड साधनसेवी, जिला साधनसेवी, जिला कार्यक्रम प्रबंधक तथा लेखा सहायक सहित 24 कर्मचारी शनिवार को लगातार पांचवें दिन भी जिला मध्याह्न भोजन योजना कार्यालय के मुख्यद्वार पर धरना पर बैठे रहे। इनकी एक सूत्रीय मांग वेतन बढ़ोतरी है।
धरना और हड़ताल के कारण जिले के सरकारी विद्यालयों में चल रही मध्याह्न भोजन योजना (पीएम पोषण योजना) गंभीर रूप से प्रभावित हो गई है। विद्यालयों में एमडीएम राशि और खाद्यान्न की आपूर्ति भी मई माह के बाद से लंबित है। यहां तक कि अल्प मानदेय पर काम करने वाली रसोइयों का भुगतान भी मई तक ही हुआ है। इस स्थिति में विद्यालयों में भोजन योजना पूरी तरह चरमराने लगी है।
जिला सचिव दयानंद रविदास ने कहा कि हम लोग मात्र 16,100 रुपये मासिक मानदेय पर काम कर रहे हैं, जो चतुर्थ वर्गीय कर्मचारियों से भी कम है, जबकि हम निरीक्षी पदाधिकारी की तरह जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यह हमारे साथ घोर अन्याय है।
जिला अध्यक्ष मुकेश कुमार ने कहा कि हमारी एकमात्र मांग है कि हमें समग्र शिक्षा अभियान कर्मियों के समकक्ष वेतन दिया जाए। मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मियों के वेतन बढ़ोतरी की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक हमें उसका लाभ नहीं मिला है। यदि मांगें पूरी हो जाएं तो हम तुरंत हड़ताल समाप्त कर देंगे।
जिला साधनसेवी वीरेन्द्र कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने कैबिनेट में प्रस्ताव संख्या 1292 (6 अगस्त 2012) के आलोक में एमडीएम संविदा कर्मियों का मानदेय समग्र शिक्षा के अनुरूप करने की अनुशंसा की थी, लेकिन अब तक इसे लागू नहीं किया गया है।
धरना कार्यक्रम में डीपीएम जितेन्द्र कुमार, लेखा सहायक जयप्रकाश पांडेय, डीआरपी वीरेन्द्र कुमार, कृष्ण कुमार सुन्दरम, बीआरपी मनीष कुमार, मनोज मालाकार, मनोज कुमार, संतोष कुमार, उमाशंकर सिंह, सिम्पल कुमारी, प्रदीप कुमार, गुलाम सरफुद्दीन, महेश प्रसाद, अजय कुमार, अजय सिन्हा सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।