जहानाबाद जिला परिषद में बड़ा राजनीतिक उलटफेर, अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित

Written by Sanjay Kumar

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अजीत कुमार
जहानाबाद (अपना नालंदा)। शनिवार को जहानाबाद जिला परिषद में बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। जिला पदाधिकारी सह जिला दण्डाधिकारी जहानाबाद श्रीमती अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी एवं उपाध्यक्ष संगीता देवी के विरुद्ध लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया। बैठक के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत मतदान कराया गया, जिसमें अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित हो गया, जबकि उपाध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया।


जिला पदाधिकारी की देखरेख में 28 मार्च 2026 को पूरी निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराई गई। इस दौरान जिला परिषद के कुल 13 सदस्यों में से 11 सदस्य उपस्थित रहे और सभी ने मतदान प्रक्रिया में भाग लेकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सबसे पहले जिला परिषद अध्यक्ष रानी कुमारी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। इस मतदान में सभी 11 सदस्यों ने भाग लिया। सभी मत वैध पाए गए और सभी 11 मत अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पड़े। इस प्रकार पूर्ण बहुमत के साथ अध्यक्ष रानी कुमारी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर दिया गया।


इसके बाद जिला परिषद उपाध्यक्ष संगीता देवी के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान कराया गया। इस मतदान में भी 11 सदस्यों ने हिस्सा लिया। इसमें एक मत अवैध घोषित किया गया जबकि 10 मत वैध पाए गए। वैध मतों में से 9 मत अविश्वास प्रस्ताव के विरोध में तथा केवल 1 मत प्रस्ताव के पक्ष में पड़ा। परिणामस्वरूप उपाध्यक्ष संगीता देवी के विरुद्ध लाया गया अविश्वास प्रस्ताव अस्वीकृत कर दिया गया।
इस पूरी मतदान प्रक्रिया के दौरान जिला पदाधिकारी सह जिला दण्डाधिकारी के साथ मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी डॉ. प्रीति, जिला पंचायत राज पदाधिकारी सुजीत कुमार तथा संबंधित प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
बैठक में जिला परिषद के विभिन्न क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्य मौजूद थे, जिनमें आभा रानी, सुशीला देवी, अभिषेक रंजन, मिन्तु देवी, अजित मिस्त्री, सुधीर चौधरी, संगीता देवी, रेणु कुमारी, शांति देवी और अजय सिंह सहित अन्य सदस्य शामिल थे। इस निर्णय के बाद जिला परिषद की राजनीति में नया समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।

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