नालंदा कॉलेज में राष्ट्रीय विज्ञान दिवस पर नवाचारों की गूंज, 150 विद्यार्थियों ने प्रस्तुत किए मॉडल और पोस्टर

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा कॉलेज, बिहारशरीफ में शनिवार को ‘राष्ट्रीय विज्ञान दिवस’ के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन महान भारतीय वैज्ञानिक सी.वी. रमन की स्मृति में तथा विद्यार्थियों के बीच वैज्ञानिक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। पूरे परिसर में विज्ञान के प्रति उत्साह और जिज्ञासा का वातावरण देखने को मिला।


कार्यक्रम का सफल संचालन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि विज्ञान केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारे सोचने और समस्याओं को हल करने के तरीके में भी परिलक्षित होना चाहिए। उन्होंने विद्यार्थियों को तर्कशीलता, अनुसंधान और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
मुख्य वक्ता के रूप में पटना विमेंस कॉलेज की डॉ. अमृता उपस्थित रहीं। उन्होंने आधुनिक युग में विज्ञान की प्रासंगिकता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज का समय नवाचार और तकनीकी प्रगति का है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे वैज्ञानिक सोच को अपनाकर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

Innovation resonated at Nalanda College on National Science Day, with 150 students presenting models and posters.


इस अवसर पर लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम को दो प्रमुख श्रेणियों में विभाजित किया गया था। पहली श्रेणी पोस्टर प्रस्तुति की थी, जिसमें छात्रों ने विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों, पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों तथा समसामयिक वैज्ञानिक विषयों को चित्रों और आलेखों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। दूसरी श्रेणी मॉडल प्रदर्शनी की थी, जिसमें विद्यार्थियों ने कार्यशील मॉडलों के माध्यम से भविष्य की तकनीकों, स्वच्छ ऊर्जा, जल संरक्षण और प्रदूषण नियंत्रण जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। कई मॉडलों ने निर्णायकों और दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।


कार्यक्रम की सफलता में विज्ञान संकाय के सभी विभागों—भौतिकी, रसायन शास्त्र एवं जीव विज्ञान—के शिक्षकों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रयोगशाला सहायकों ने तकनीकी व्यवस्थाओं और प्रयोगों के प्रदर्शन में सक्रिय सहयोग दिया। निर्णायक मंडल ने पोस्टर और मॉडलों की गुणवत्ता, प्रस्तुति शैली और विषय की उपयोगिता के आधार पर विजेताओं का चयन किया।
कार्यक्रम में प्रोफेसर अनिर्बन चटर्जी, प्रोफेसर एस.एस. झा, प्रोफेसर सुमित कुमार तथा प्रोफेसर उपेंद्र मंडल सहित कई शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में राष्ट्र निर्माण में विज्ञान की भूमिका को सुदृढ़ करने के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह आयोजन विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक सिद्ध हुआ।

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