राजगीर नेचर व जू सफारी में पर्यटकों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए टिकट सीमा दोगुनी, पर्यटन सुविधाओं के बड़े विस्तार की घोषणाअंतरराष्ट्रीय पर्यटन केंद्र के रूप में उभरता राजगीर

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार/अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। विश्वस्तरीय पर्यटन स्थल के रूप में पहचान बना चुका राजगीर अब देश-विदेश के पर्यटकों का प्रमुख आकर्षण बनता जा रहा है। लगातार बढ़ती पर्यटक संख्या को देखते हुए राज्य सरकार ने नेचर सफारी और जू सफारी की टिकट संख्या प्रतिदिन 1000 से बढ़ाकर 2000 करने का निर्णय लिया है। यह घोषणा वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर ने राजगीर के विभिन्न पर्यटन स्थलों का निरीक्षण करने के बाद प्रेस वार्ता में की।
उन्होंने बताया कि राजगीर पर्यटन और वन विभाग दोनों के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र है और सरकार इसे राष्ट्रीय स्तर के पर्यटन मॉडल के रूप में विकसित करने के लिए कई नई योजनाओं पर काम कर रही है।
20 करोड़ का वार्षिक राजस्व, तीन लाख पर्यटक
अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पिछले एक वर्ष में नेचर सफारी और जू सफारी से लगभग 20 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो इस परियोजना की लोकप्रियता और सफलता को दर्शाता है। इसी अवधि में करीब तीन लाख पर्यटक सफारी का आनंद ले चुके हैं। उन्होंने कहा कि टिकटों की संख्या बढ़ाने का मुख्य उद्देश्य पर्यटकों को लंबी कतार और प्रतीक्षा से राहत देना है ताकि अधिक लोग सुविधाजनक तरीके से सफारी का अनुभव कर सकें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल पर्यटकों की संख्या बढ़ाना नहीं बल्कि उन्हें बेहतर अनुभव देना है। इसी के तहत परिवहन, ठहराव, सुरक्षा, नेटवर्क और मनोरंजन सुविधाओं का व्यापक विस्तार किया जाएगा।
नई सुविधाएं: गेस्ट हाउस, वाई-फाई और चौड़ी सड़कें
पर्यटकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नेचर सफारी परिसर में 50-50 कमरों के दो आधुनिक गेस्ट हाउस बनाए जाएंगे। इसके अलावा वेटिंग हॉल, कैफेटेरिया और विश्राम स्थल की व्यवस्था भी की जाएगी ताकि परिवार सहित आने वाले पर्यटक आराम से समय बिता सकें।
जंगल क्षेत्र में नेटवर्क समस्या को दूर करने के लिए फ्री वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराने की योजना है। साथ ही 20 स्थानों पर वाटर कूलर लगाए जाएंगे। जंगल तक जाने वाली सड़कों का चौड़ीकरण कर पाथवे बनाया जाएगा ताकि आवागमन सुरक्षित और सुगम हो सके।
बच्चों और परिवारों के लिए विशेष इंतजाम
ग्लास ब्रिज आकर्षण का प्रमुख केंद्र है, लेकिन छोटे बच्चों के लिए पहले आयु सीमा अधिक थी। अब 5 वर्ष की जगह 4 वर्ष तक के बच्चों को भी ब्रिज पर जाने की अनुमति होगी। 4 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के लिए महिला गाइड की देखरेख में अलग व्यवस्था की जाएगी ताकि अभिभावकों को परेशानी न हो।
सफारी में चलने वाली बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी और सभी बसों में एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिन पर मार्ग, दूरी और स्थल की जानकारी दिखाई जाएगी। इससे पर्यटकों को सफर के दौरान ज्ञानवर्धक अनुभव मिलेगा।

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शाम 5 बजे के बाद भी रहेगा मनोरंजन
आनंद किशोर ने बताया कि शाम 5 बजे के बाद क्षेत्र अपेक्षाकृत शांत हो जाता है और पर्यटक होटल लौट जाते हैं। इसे ध्यान में रखते हुए वेणुवन में शाम 5 से रात 9 बजे तक लेजर लाइट शो, सांस्कृतिक कार्यक्रम और बच्चों की गतिविधियां आयोजित की जाएंगी, जिससे पर्यटक देर शाम तक मनोरंजन का आनंद ले सकें।
इसके अलावा घोड़ा कटोरा क्षेत्र में चिल्ड्रेन पार्क, कैफेटेरिया और अन्य मनोरंजक गतिविधियों का विकास किया जाएगा। वहीं वैभारगिरि जैन मंदिर जाने वाले पर्यटकों के लिए गाइडेड टूर की सुविधा शुरू की जाएगी ताकि वे ऐतिहासिक व धार्मिक महत्व को समझ सकें।
पार्किंग, परिवहन और सुरक्षा में सुधार
राजगीर में वर्तमान में सात स्थानों पर अलग-अलग पार्किंग की व्यवस्था है, जिसे एकीकृत कर एक बड़ा पार्किंग हब बनाने पर विचार किया जा रहा है। इससे यातायात सुचारु होगा और पर्यटकों को वाहन खड़ा करने में परेशानी नहीं होगी।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए जंगल क्षेत्र में पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी और निजी स्टाफ के लिए मेडिकल सुविधा विकसित की जाएगी। जू सफारी स्थित पशु अस्पताल को भी आधुनिक उपकरणों से अपग्रेड किया जाएगा।
पर्यटकों की सहायता के लिए जू सफारी गेट के पास दो एटीएम और “वन मित्र” काउंटर स्थापित किए जाएंगे, जहां आगंतुक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। पर्वत दर्शन के लिए इस्तेमाल होने वाली पालकियों को बाजार क्षेत्र से हटाकर पर्वत के समीप निर्धारित स्थान पर व्यवस्थित किया जाएगा।

सड़क और आधारभूत संरचना पर भी जोर
परिवहन सुविधा को बेहतर बनाने के लिए ओवरब्रिज से होते हुए राजगीर गंगाजलाशय मार्ग को फोरलेन करने का निर्देश पथ निर्माण विभाग को दिया गया है। इससे पर्यटन सीजन में जाम की समस्या कम होगी और यात्रा समय घटेगा।
निरीक्षण के दौरान डीएफओ राजकुमार एम., जू सफारी निदेशक रामसुंदर एम., रेंजर श्याम पांडेय, रेंजर ऋषिकेश सहित वन विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि सभी योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से लागू कर राजगीर को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानकों के अनुरूप विकसित किया जाएगा।
समग्र रूप से, सरकार की नई योजनाएं यह संकेत देती हैं कि राजगीर आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख इको-टूरिज्म और एडवेंचर पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है, जहां प्राकृतिक सौंदर्य, आधुनिक सुविधाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अनोखा संगम पर्यटकों को आकर्षित करेगा।

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