संजय कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नव वर्ष 2026 के शुभ अवसर पर वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने राजगीर स्थित इको-टूरिज्म स्थलों के विकास, संरक्षण और संचालन में लगे मैदानी अधिकारियों व कर्मियों के समर्पित योगदान की सराहना की। इस दौरान अधिकारियों ने राजगीर को राज्य के प्रमुख इको-टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित करने में जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे कर्मियों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
इस अवसर पर डॉ. गोपाल सिंह, क्षेत्रीय मुख्य वन संरक्षक (RCCF), पटना प्रक्षेत्र एवं एस. सुधाकर, वन संरक्षक (CF), पटना अंचल ने राजगीर का दौरा किया। उनके साथ राजगीर जू सफारी के निदेशक रामसुंदर एम. तथा नालंदा के डीएफओ राजकुमार एम. भी मौजूद रहे।
वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जू सफारी, नेचर सफारी एवं अन्य इको-टूरिज्म स्थलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्राउंड स्टाफ से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और नव वर्ष पर बेहतर कार्य निष्पादन के लिए उनका उत्साहवर्धन किया।
निरीक्षण के क्रम में डॉ. गोपाल सिंह ने कहा कि राजगीर को एक उभरते हुए इको-टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने में फील्ड अधिकारियों और कर्मियों का अथक परिश्रम सराहनीय है। वहीं एस. सुधाकर ने बेहतर प्रबंधन, टीम वर्क और अनुशासित कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि इन्हीं प्रयासों के कारण आज राजगीर पर्यटकों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने भविष्य में इको-टूरिज्म को और सुदृढ़ करने के लिए निरंतर सहयोग का आश्वासन भी दिया।
नव वर्ष पर राजगीर इको-टूरिज्म में योगदान देने वाले वनकर्मियों को मिला सम्मान
Written by Sanjay Kumar
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