संजय कुमार/अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान नालंदा जिले में विभिन्न विकास योजनाओं का निरीक्षण किया तथा जिले के लिए कुल 810 करोड़ रुपये की योजनाओं की सौगात दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 316 करोड़ रुपये की लागत से 110 योजनाओं का उद्घाटन तथा 494 करोड़ रुपये की लागत से 106 योजनाओं का शिलान्यास किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का कार्य तेजी से और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए, ताकि आम लोगों को जल्द से जल्द उसका लाभ मिल सके।
समृद्धि यात्रा के क्रम में मुख्यमंत्री सबसे पहले बिहारशरीफ-रांची रोड स्थित भरावपर पहुंचे, जहां 84.61 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 1620 मीटर लंबे फ्लाईओवर का शिलापट्ट अनावरण कर लोकार्पण किया। लोकार्पण के बाद उन्होंने फ्लाईओवर का निरीक्षण भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहारशरीफ शहर में लंबे समय से फ्लाईओवर की मांग की जा रही थी, जो अब पूरी हो गई है। इसके निर्माण से शहर की यातायात व्यवस्था सुगम होगी और लोगों को जाम की समस्या से राहत मिलेगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री बिहारशरीफ प्रखंड के कोसुक गांव स्थित कोसुक रिवर फ्रंट कार्य स्थल पहुंचे। यहां उन्होंने पंचाने नदी में कराए जा रहे पक्का सुरक्षात्मक कार्य तथा रिवर फ्रंट विकास कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने कोसुक से सिपाह पुल तक पंचाने नदी के तट विकास और सुरक्षा से संबंधित कार्यों की विस्तृत जानकारी अधिकारियों से ली। साथ ही उन्होंने पंचाने सिंचाई योजना के पुनर्स्थापन, नूरसराय प्रखंड के ग्राम लारी व मकनपुर से धनौली तक अधियारा नदी के तल की सफाई, आरसीसी एंटी फ्लड स्लुईस गेट के निर्माण, सरमेरा प्रखंड के गोपालवाद और धनाबॉडी जमींदारी बांध के पुनर्स्थापन तथा बाढ़ नियंत्रण और कटाव निरोधी कार्यों की भी समीक्षा की।
मुख्यमंत्री ने राजगीर क्षेत्र में पर्यटन विकास से जुड़े कार्यों की भी जानकारी ली। उन्होंने ब्रह्मकुंड परिसर के विकास, ईको टूरिज्म के दृष्टिकोण से ऐतिहासिक स्थलों के संरक्षण, जयप्रकाश उद्यान, वेणुवन पार्क और घोड़ा कटोरा के विकास कार्यों के साथ-साथ डायनासोर पार्क सहित अन्य परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त बरगाही आहर-पईन योजना के जीर्णोद्धार और नूरसराय के संगत के पास जलजमाव की समस्या के समाधान के लिए किए जा रहे कार्यों की भी जानकारी ली।

बाद में मुख्यमंत्री बिहारशरीफ नगर निगम क्षेत्र स्थित दीपनगर स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे, जहां से उन्होंने रिमोट के माध्यम से नालंदा जिले की विभिन्न योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए विकास कार्यों से संबंधित स्टॉलों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने जीविका दीदियों द्वारा तैयार किए गए उत्पादों और उनके आजीविका कार्यों की जानकारी ली।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 17,811 जीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को 393.50 करोड़ रुपये का सांकेतिक चेक प्रदान किया। जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं से महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है और उनके परिवारों का जीवन स्तर बेहतर हुआ है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सरकार उनकी हरसंभव सहायता करती रहेगी।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री उद्यमी योजना, दिव्यांगजन सशक्तीकरण योजना, समग्र गव्य विकास योजना सहित अन्य योजनाओं के लाभुकों को भी सांकेतिक चेक प्रदान किए। साथ ही ऊर्जा, शिक्षा, गृह, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया और उनके कार्यों की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और बिहार को देश के अग्रणी विकसित राज्यों में शामिल कराने के लिए पूरी निष्ठा के साथ काम करें।

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री एवं नालंदा के प्रभारी मंत्री विजय कुमार चौधरी, ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार, सांसद कौशलेंद्र कुमार, विधायक डॉ. सुनील कुमार, विधायक रूहेल रंजन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, सामान्य प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेन्दर, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष पराशर, पटना प्रक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक जितेंद्र राणा, नालंदा के जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी सहित कई वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।





