मोहम्मद जियाउद्दीन इस्लामपुर (अपना नालंदा)।अति पिछड़ा, अनुसूचित जाति-जनजाति विकास मंच के तत्वावधान में इस्लामपुर बाजार के संगम उत्सव हॉल में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 134वीं जयंती समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
समारोह में इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र के कोने-कोने से बाबा साहेब के अनुयायी शामिल हुए और शोभायात्रा में भाग लिया।भव्य प्रभातफेरी और शोभायात्रा का आयोजनइस अवसर पर इस्लामपुर बाजार के जगदंबा स्थान से एक भव्य प्रभातफेरी निकाली गई, जो राजगीर मोड़, बुधदेव नगर, तालाब और मछली मार्केट होते हुए प्रखंड मुख्यालय तक गई। यह शोभायात्रा देखते ही देखते विशाल जुलूस का रूप ले चुकी थी।
सड़क के दोनों ओर खड़े लोग श्रद्धा से झूमते नजर आए, मानो स्वयं बाबा साहेब उस पथ पर चल रहे हों। जगह-जगह फूलों की वर्षा कर उनका स्वागत किया गया।संगम उत्सव हॉल में हुआ मुख्य समारोहशोभायात्रा के बाद संगम उत्सव हॉल प्रांगण में मुख्य समारोह आयोजित किया गया, जहां सबसे पहले डॉ. अंबेडकर के तैलचित्र पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित की गई।

इसके बाद दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया गया। समारोह की अध्यक्षता मंटू कुमार चंद्रवंशी ने की, जबकि मंच संचालन हरेंद्र रविदास ने किया।राजनीतिक जागरूकता का आह्वानकार्यक्रम में मंच के प्रदेश संयोजक धर्मेंद्र चौहान ने बाबा साहेब के जीवन और योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि बाबा अंबेडकर न केवल संविधान निर्माता थे, बल्कि उन्होंने वंचितों, पिछड़ों और दलितों के अधिकारों के लिए जीवन भर संघर्ष किया। उन्होंने समाज को संगठित होकर राजनीतिक शक्ति बनने का संदेश दिया और कहा कि अब समय आ गया है कि समाज सत्ता में भागीदारी सुनिश्चित करे।
उन्होंने बताया कि इस्लामपुर विधानसभा क्षेत्र में अनुसूचित जाति, जनजाति और अति पिछड़ा वर्ग के वोटरों की संख्या लगभग डेढ़ लाख से अधिक है, जिससे स्पष्ट है कि यदि समाज संगठित हो जाए, तो विधायक बनाने की ताकत रखता है। उन्होंने समाज से अपील की कि वह अपनी एकजुटता दिखाकर किसी योग्य प्रतिनिधि को चुनाव मैदान में उतारें।
शिक्षा और समानता पर बलसमारोह में उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहेब के शिक्षा, समानता और अधिकार के सिद्धांतों को अपनाने की प्रेरणा दी। संतोष चंद्रवंशी ने कहा कि जिसने हमें सोचने की आजादी और अधिकार दिए, ऐसे महापुरुष को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम उनके आदर्शों को अपनाएं।
नीरज कुमार चंद्रवंशी ने बाबा साहेब के प्रसिद्ध कथन “शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो पियेगा वह दहाड़ेगा” को दोहराते हुए शिक्षा को मूल अधिकार बताया।सैकड़ों की संख्या में लोग हुए शामिलइस अवसर पर मंच के कई पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिनमें संजीत रजक, सुधीर चंद्रवंशी,
अमरजीत चंद्रवंशी, सुभाष मिस्त्री, जीतू बिंद, रामप्रवेश बिंद, राकेश पाल, मनवा देवी, फुलवा देवी, उमेश पासवान, मनोज चौधरी, सुभाष बिंद (वार्ड पार्षद), जनार्दन चौधरी, सीताराम चंद्रवंशी, रामबालक जमादार, पूर्व मुखिया सारो देवी, अरविंद कुमार, हरनंदन रजक, चंद्रिका दास सहित सैकड़ों लोग शामिल थे।इस भव्य आयोजन ने इस्लामपुर की धरती पर सामाजिक चेतना और एकजुटता का एक नया इतिहास रच दिया।






