होली को मर्यादा, सौहार्द और आनंद के साथ मनाएं : प्राचार्या प्रो. सुनीता सिन्हा

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार
बिहारशरीफ(अपना नालंदा)। नालंदा कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर (डॉ) सुनीता सिन्हा ने कहा है कि होली हमें यह संदेश देती है कि जीवन में सकारात्मकता का रंग सबसे गाढ़ा होना चाहिए। ईर्ष्या, द्वेष और भेदभाव के धुंधले रंगों को पीछे छोड़कर हमें ज्ञान, अनुशासन और मानवता के उजले रंगों को अपनाना है।
वे नालंदा कॉलेज में आयोजित होली मिलन समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद शिक्षक, कर्मचारी और छात्र -छात्राओं से इस उत्सव को मर्यादा, सौहार्द और आनंद के साथ मानने की अपील करते हुए कहा कि आप सभी सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें और अपने जीवन को सफलता के सुंदर रंगों से भरते रहें।
छात्रावास अधीक्षक डॉ संगीता कुमारी ने कहा कि होली का रंग तभी सार्थक है जब वह हमारे व्यवहार में झलके, हमारी वाणी में मधुरता लाए और हमारे संबंधों को और प्रगाढ़ बनाए।


होली केवल रंगों का त्योहार नहीं, यह मन के विकारों को धोकर प्रेम के रंग में रंग जाने का अवसर है।
इग्नू केंद्र निदेशक डॉ रत्नेश कुमार अमन ने कहा कि होली मिलन समारोह केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह हमारे आपसी स्नेह, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का जीवंत उत्सव है।
हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ चम्पा कुमारी ने कहा कि शिक्षा के पावन मंदिर में जब रंग, राग और रिश्तों की गर्माहट एक साथ घुल-मिल जाती है, तब परिसर सचमुच उत्सवधर्मी हो जाता है।
पुस्तकालयाध्यक्ष अंजनी कुमार ने कहा कि होली का त्योहार हमें यह सीख देता है कि जैसे विविध रंग मिलकर एक सुंदर इंद्रधनुष रचते हैं, वैसे ही विविध विचार, संस्कृतियाँ और व्यक्तित्व मिलकर एक सशक्त शैक्षणिक परिवार का निर्माण करते हैं।
इस अवसर पर डॉ मंजू कुमारी, डॉ अनिर्बन चटर्जी, डॉ भावना, डॉ मृत्युंजय, विनय कुमार, जितेंद्र कुमार ने भी अपने विचार व्यक्त किए। सभी ने एक दूसरे की अबीर गुलाल लगाए और फगुआ भी गाए।

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