रक्तदान ने मिटाई धर्म की दीवार, मुस्लिम युवक ने पेश की इंसानियत की मिसाल

Written by Sanjay Kumar

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बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।धर्म के नाम पर बढ़ते सामाजिक तनाव के बीच बिहारशरीफ में इंसानियत की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। सामाजिक संगठन नालंदा ब्लड ग्रुप के सक्रिय सदस्य मोहम्मद शरीक अख्तर ने हिंदू महिला गुड़िया कुमारी को रक्तदान कर मानवता का सशक्त संदेश दिया।
बताया गया कि गुड़िया कुमारी को अचानक रक्त की आवश्यकता पड़ी। सूचना मिलते ही नवादा जिले के निवासी मोहम्मद शरीक अख्तर बिना किसी देरी के आगे आए और रक्तदान कर उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इस मानवीय कार्य से न केवल मरीज के परिजनों को राहत मिली, बल्कि समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द का संदेश भी गया।
रक्तदान के बाद मोहम्मद शरीक अख्तर ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इंसानियत की सेवा करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि रक्तदान में धर्म, जाति या समुदाय का कोई स्थान नहीं होता। जरूरतमंद की मदद करना हर इंसान का नैतिक कर्तव्य है, और वे भविष्य में भी इसी भावना के साथ सेवा करते रहेंगे।
इस रक्तदान अभियान को सफल बनाने में नालंदा ब्लड ग्रुप के नवादा जिला अध्यक्ष मोहम्मद साजिद आलम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वे बीते कई वर्षों से रक्तदान जागरूकता अभियान से जुड़े हुए हैं और लगातार लोगों को स्वेच्छा से रक्तदान के लिए प्रेरित कर रहे हैं।
नालंदा ब्लड ग्रुप द्वारा किए जा रहे ऐसे प्रयास समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में मजबूत कदम साबित हो रहे हैं, जहां इंसानियत धर्म से ऊपर नजर आती है और जरूरतमंदों की जान बचाना ही सबसे बड़ा धर्म माना जाता है।

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