बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। राजगीर के स्टेट गेस्ट हाउस परिसर में महाशिवरात्रि के अवसर पर रविवार देर रात विश्वस्तरीय ध्यान उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। निर्धारित समय से लगभग पांच घंटे विलंब से रात 11 बजे शुरू हुआ यह कार्यक्रम तड़के दो बजे तक चला, जिसमें साधना, संगीत, नृत्य और शिव आराधना का अनूठा संगम देखने को मिला। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे साधकों, कलाकारों और श्रद्धालुओं की मौजूदगी ने आयोजन को खास बना दिया।

उत्सव की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार, शिव स्तुति और ध्यान साधना से हुई। इसके बाद ऊर्जावान शिव तांडव नृत्य प्रस्तुतियों ने माहौल को भक्तिमय कर दिया। अंतरराष्ट्रीय दार्शनिक ओशमिन राकेश चंद्रा ने विभिन्न शिव मुद्राओं में प्रस्तुति देते हुए कहा कि शिव केवल देव नहीं, बल्कि शुद्ध चेतना के प्रतीक हैं और उनकी साधना से जीवन में संतुलन व शांति आती है। उन्होंने शिव सूत्र और विज्ञान भैरव तंत्र के माध्यम से ध्यान की गूढ़ विधियों पर भी प्रकाश डाला।
सांस्कृतिक संध्या में गायक गिरीश विश्वास, भजन गायिका जयमाला लाड़ और सूफी गायक कपिल पुरोहित सहित कई कलाकारों ने प्रस्तुति दी। रात के विशेष सत्र में सामूहिक ध्यान और महाआरती का आयोजन हुआ, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी राजगीर में ऐसे आध्यात्मिक आयोजनों की श्रृंखला जारी रहेगी।







