अखिलेंद्र कुमार,बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। जिला शिक्षा पदाधिकारी, नालंदा कार्यालय में वर्षों से पदस्थापित लिपिक अरविंद कुमार को आखिरकार विरमित कर दिया गया है। लंबे समय से कार्यालय में जमे अरविंद कुमार को पहले तो स्थानांतरण से बचाए रखा गया, वहीं विभागीय आदेश जारी होने के बावजूद उन्हें स्थानांतरित विद्यालय में योगदान नहीं करने दिया गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभागीय आदेश के तहत अरविंद कुमार का स्थानांतरण त्रिभुवन उच्च विद्यालय, नौवतपुर किया गया था। हालांकि, स्थानांतरण के बाद भी “प्रभार नहीं देने” के नाम पर उन्हें महीनों तक जिला शिक्षा कार्यालय में ही बनाए रखा गया। इसको लेकर विभाग के भीतर और बाहर लगातार सवाल उठते रहे।
अंततः क्षेत्रीय उप निदेशक शिक्षा (आरडीडीई), पटना प्रमंडल के निर्देश के आलोक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना), नालंदा द्वारा अरविंद कुमार को स्थानांतरित विद्यालय में योगदान देने हेतु विरमित कर दिया गया। हालांकि विरमन आदेश में प्रभार से संबंधित स्थिति को स्पष्ट नहीं किया गया है, फिर भी इसे विभागीय आदेश के अनुपालन की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, विभागीय दबाव और उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद डीपीओ नालंदा को यह कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस मामले को लेकर लगातार आवाज उठाने वाले संगठनों ने इसे अपनी सफलता बताया है।
तेजस्वी फैन्स एसोसिएशन की सचिव गायत्री देवी ने अरविंद कुमार के विरमन को संगठन की जीत बताते हुए कहा कि यह कार्रवाई यह साबित करती है कि अगर संगठित होकर आवाज उठाई जाए तो मनमानी पर रोक लग सकती है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे भी विभागीय आदेशों का समय पर पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
इस पूरे प्रकरण के बाद शिक्षा विभाग में कार्यप्रणाली और स्थानांतरण प्रक्रिया को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है।







