फर्जी प्रमाणपत्र पर बहाल शिक्षकों को 32 लाख के भुगतान का दावा
अखिलेंद्र कुमार
पटना(अपना नालंदा)। तेजस्वी फैन्स एसोसिएशन की सचिव गायत्री देवी ने सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में शिक्षा विभाग के स्थापना शाखा में व्याप्त भ्रष्टाचार का गंभीर आरोप लगाते हुए बड़ा खुलासा किया। उन्होंने कहा कि तत्कालीन डीपीओ (स्थापना) पटना राजकमल कुमार की मिलीभगत से फर्जी प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के आधार पर बहाल शिक्षकों को रिश्वत लेकर लगभग 32 लाख रुपये के बकाया भुगतान किए गए।
गायत्री देवी ने बताया कि नगर शिक्षक रजनीश रंजन (प्राथमिक विद्यालय बासुदेवपुरी, नौबतपुर) एवं पंचायत शिक्षक सुभाषचंद्र शर्मा (प्राथमिक विद्यालय रोनिया टोला, नौबतपुर) को दो जाली प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों के आधार पर बहाल रखा गया और रिश्वत के बल पर बकाया राशि का भुगतान कराया गया।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में समर्पित परिवाद पर निदेशक प्रशासन, शिक्षा विभाग, बिहार द्वारा क्षेत्रीय शिक्षा उपनिदेशक (आरडीडीई), पटना प्रमंडल को जांच का आदेश दिया गया था। साथ ही जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ), पटना से मंतव्य के साथ जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश भी दिया गया। बावजूद इसके आरडीडीई, पटना प्रमंडल द्वारा पत्रांक-04, दिनांक 03 जनवरी 2026 के माध्यम से स्मारित किए जाने के बाद भी डीईओ पटना साकेत रंजन द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।
गायत्री देवी ने आरोप लगाया कि उच्च अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी कर मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करने के उद्देश्य से यह प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि तत्कालीन डीपीओ स्थापना राजकमल कुमार को शीघ्र सेवा से बर्खास्त किया जाए तथा डीईओ पटना साकेत रंजन सहित सभी संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुख्य वक्ता के रूप में पंचदेव पंडित, मोहम्मद शकील अख्तर, विपिंद्र कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।




