आरटीई प्रतिपूर्ति, ईएसआईसी और पोर्टल बोझ पर भड़के निजी विद्यालय संचालक, नालंदा में संगठन ने दिखाई एकजुटता

Written by Sanjay Kumar

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संजय कुमार,बिहारशरीफ (अपना नालंदा)।भारतीय स्वतंत्र शिक्षण संघ, नालंदा जिला शाखा की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को भगवान बुद्ध हाई स्कूल, कल्याणपुर, बिहारशरीफ के सभागार में संपन्न हुई। इस बैठक में संगठन की जिला कार्यकारिणी के सदस्यों के साथ-साथ विभिन्न प्रखंड शाखाओं के पदाधिकारी एवं सक्रिय प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।
बैठक के दौरान ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से आरटीई के अंतर्गत प्रथम कक्षा में निःशुल्क नामांकन, कई सत्रों से लंबित निजी विद्यालयों की प्रतिपूर्ति राशि का भुगतान, विद्यालयों की प्रस्वीकृति एवं नवीनीकरण, यू-डायस, संगठन की सदस्यता नवीनीकरण, ईएसआईसी सहित अन्य ज्वलंत समस्याओं पर गहन विचार-विमर्श किया गया।
गिरियक प्रखंड शाखा के अध्यक्ष प्रसिद्ध नारायण ने कहा कि सत्रबद्ध प्रतिपूर्ति राशि का समय पर भुगतान किया जाना चाहिए, अन्यथा निजी विद्यालयों को आरटीई नियमों से मुक्त किया जाए।
राजगीर प्रखंड सचिव राजन सिन्हा ने कहा कि प्रस्वीकृति एवं पुराने विद्यालयों का नवीनीकरण साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि वाले निजी विद्यालयों के लिए शोषण का कारण बन गया है।
परवलपुर प्रखंड अध्यक्ष रुदल सिंह ने कहा कि निजी विद्यालयों की एकजुटता कई संगठनों की अधिकता के कारण कमजोर हुई है। सभी को एक मंच पर आकर सरकार और शिक्षा विभाग के समक्ष अपनी बात मजबूती से रखने की आवश्यकता है।
पश्चिमी जोन, बिहारशरीफ के सचिव स्मित बब्बर ने कहा कि शिक्षा विभाग की नीतियों के गलत क्रियान्वयन के कारण छोटे निजी विद्यालय लगातार बंद हो रहे हैं। यदि यही स्थिति बनी रही, तो नालंदा सहित पूरे राज्य में साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि वाले अधिकांश निजी विद्यालय समाप्त हो जाएंगे।
संगठन के संयुक्त सचिव अमित कुमार ने कहा कि ईएसआईसी का बढ़ता प्रभाव छोटे निजी विद्यालयों को आर्थिक रूप से तोड़ रहा है, क्योंकि अधिकांश शिक्षक मानदेय पर कार्य करते हैं। विद्यालयों की आय पूरी तरह अभिभावकों पर निर्भर है, जबकि सरकारी सहयोग के नाम पर केवल आदेश और प्रमाण पत्र मिलते हैं।
जिलाध्यक्ष मो. जाहिद अनवर ने सरकार से अपेक्षा जताई कि निजी विद्यालयों की मजबूरी को समझते हुए व्यवहारिक नियम बनाए जाएं और समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
संगठन के संरक्षक अरुण कुमार सिंह ने कहा कि विभिन्न पोर्टलों का बोझ निजी विद्यालयों के संचालन को कठिन बना रहा है। यदि सरकार को आंकड़ों की आवश्यकता है, तो प्रत्येक निजी विद्यालय में अपने खर्च पर कर्मचारी नियुक्त करे।
विंद प्रखंड अध्यक्ष राजीव कुमार ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि पहले घोड़े को चाबुक से दौड़ाया जाता था, अब ई-रिक्शा का जमाना है, लेकिन सरकारी महकमा आज भी निजी विद्यालयों से जबरन अवांछित कार्य करवा रहा है।
नगरनौसा प्रखंड प्रतिनिधि संजय कुमार ने कहा कि शिक्षा विभाग बिना प्रशिक्षण या कार्यशाला के नए-नए आदेश जारी कर देता है।

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जिला सचिव रंजीत कुमार ने ज्ञानदीप पोर्टल के माध्यम से निःशुल्क नामांकन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी और सभी निजी विद्यालयों से अपने क्षेत्र में प्रचार-प्रसार करने की अपील की।
संगठन की संरक्षिका श्रीमती रेखा भारती ने कहा कि ज्ञानदीप पोर्टल लागू होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे आरटीई के लाभ से वंचित हो रहे हैं, क्योंकि वहां निजी विद्यालयों का अभाव है।
रहुई प्रखंड अध्यक्ष तरुण कुमार सोनी ने कहा कि निजी विद्यालय संचालकों के पास कोई आर्थिक सुरक्षा नहीं है और सरकारी विद्यालयों के कारण बकाया शुल्क की समस्या और बढ़ गई है।


पूर्वी जोन, बिहारशरीफ के सचिव अमित कुमार ने संगठन को मजबूत करने पर जोर देते हुए कहा कि एकजुटता ही समस्याओं के समाधान का मूल मंत्र है।
दक्षिणी जोन सचिव नरेश प्रसाद एवं पश्चिमी जोन अध्यक्ष दीनदयाल सिंह ने कहा कि संगठन के नेतृत्वकर्ता भारत मानस के मार्गदर्शन में निजी विद्यालयों को निरंतर सहयोग मिल रहा है।
सभा के समापन पर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह कार्य प्रभारी, नालंदा भारत मानस ने कहा कि निजी विद्यालयों की समस्याओं को नासूर बनने से पहले इलाज करना जरूरी है, जो केवल एकीकृत संगठन से संभव है। उन्होंने बताया कि 14 जनवरी को अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग के साथ बिहार राज्य के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की बैठक प्रस्तावित है।


उन्होंने सरकार से निजी विद्यालय आयोग के शीघ्र गठन की मांग करते हुए कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था में निजी विद्यालयों की भूमिका को सम्मान दिया जाना चाहिए।
इस अवसर पर अजय कुमार, करण राज, रितेश रंजन यादव, विवेकानंद कुमार, रामवीर कुमार, राजू कुमार, सचिन कुमार, आशीष कुमार, संजीव कुमार, विश्वनाथ पंडित, दीपक कुमार, सुनील कुमार, सौरभ रंजन, जितेंद्र कुमार, मेंकर नयन, सुजीत कुमार, सतीश कुमार सिंह, निलेश कुमार, चंद्रभूषण प्रसाद, ओमप्रकाश, टिंकू कुमार पाठक, संतोष कुमार भारती, अंशु राज, विजय कुमार सहित सैकड़ों विद्यालय प्रतिनिधियों ने भाग लेकर सभा को सफल बनाया।

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