हरिओम कुमार
हरनौत(अपना नालंदा)। बीते 28 अप्रैल को पटना हाईकोर्ट के न्यायादेश के खिलाफ बिहार सरकार द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका 29 अगस्त को खारिज होने के बाद, वित्त रहित शिक्षाकर्मियों के मोर्चा के उपाध्यक्ष डॉ. उपेंद्र कुमार सिन्हा ने सरकार से संबद्ध डिग्री कॉलेज के शिक्षाकर्मियों को वेतन-पेंशन भुगतान करने का अतिशीघ्र निर्णय लेने की मांग की है।
डॉ. सिन्हा ने कहा कि पटना हाईकोर्ट ने न्याय निर्णय दिया था कि परीक्षा परिणाम आधारित अनुदान राशि का भुगतान करना अनुचित और असंवैधानिक है। इस न्याय निर्णय के आलोक में संबद्ध डिग्री महाविद्यालयों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों को वेतन-पेंशन भुगतान किया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपील खारिज किए जाने के बाद संबद्ध डिग्री कॉलेजों में शिक्षाकर्मियों में हर्ष का माहौल है। आरपीएस कॉलेज में कर्मचारी मिठाई बांटकर और गुलाल लगाकर खुशी का जश्न मनाया।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि न्याय निर्णय और विधान परिषद की शिक्षा समिति की अनुशंसा के अनुसार सरकार से निम्नलिखित मांग की गई है:
संबद्ध डिग्री कॉलेजों में कार्यरत शिक्षाकर्मियों का वेतन-पेंशन भुगतान।
शैक्षणिक सत्र 2015-18 से कुल आठ शैक्षणिक सत्रों का बकाया अनुदान राशि वृद्धि दर के अनुसार एकमुश्त भुगतान।
अनुदान राशि की मांग हेतु विभागीय पोर्टल चालू करना।
स्नातक स्तर पर डेढ़ करोड़ और इण्टर स्तर पर पचास लाख रुपए की बंधेज समाप्त करना।
2007 के बाद नियुक्त शिक्षकों के लिए चयन समिति गठित कर सेवा अनुमोदन करना।
डॉ. सिन्हा ने सरकार से कहा कि इन मांगों को शीघ्र पूरा किया जाए, ताकि शिक्षाकर्मियों को उनका बकाया भुगतान समय पर मिल सके।