म्यूल अकाउंट बना सकता है मुसीबत में, बढ़ौना ग्राम सभा में बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों को किया सतर्क

Written by Sanjay Kumar

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चितरंजन कुमार
चंडी (अपना नालंदा)। केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) के दिशा-निर्देशों के तहत बैंक ऑफ इंडिया की ओर से चलाए जा रहे विजिलेंस जागरूकता अभियान के क्रम में नालंदा जिले के बढ़ौना गांव में ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीणों को भ्रष्टाचार के खिलाफ सतर्क रहने के साथ-साथ साइबर अपराध, बैंकिंग धोखाधड़ी और म्यूल अकाउंट (Mule Account) के बढ़ते खतरे के प्रति जागरूक किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य आम लोगों में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही की भावना को मजबूत करना तथा बैंकिंग एवं डिजिटल लेन-देन के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी देना था। बैंक अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे किसी भी लालच, कमीशन या झांसे में आकर अपने बैंक खाते का इस्तेमाल दूसरे लोगों के लेन-देन के लिए न होने दें।


ग्राम सभा में पटना जोन के मुख्य प्रबंधक-सह-सतर्कता अधिकारी दीपक कुमार गुप्ता, बढ़ौना पंचायत के मुखिया अशोक शर्मा तथा बैंक ऑफ इंडिया चंडी शाखा के शाखा प्रबंधक उत्पल कांत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
दूसरों के कहने पर खाते का इस्तेमाल करना पड़ सकता है भारी
जागरूकता कार्यक्रम के दौरान म्यूल अकाउंट को लेकर विशेष जानकारी दी गई। बैंक अधिकारियों ने बताया कि जब किसी व्यक्ति का बैंक खाता किसी दूसरे व्यक्ति के कहने पर पैसे प्राप्त करने या आगे किसी अन्य खाते में राशि भेजने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, तो वह खाता साइबर अपराध और अवैध धन के लेन-देन में इस्तेमाल हो सकता है।
अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि कई बार साइबर अपराधी आम लोगों को कमीशन या आर्थिक लाभ का लालच देकर उनके बैंक खाते का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे मामलों में खाते का वास्तविक धारक भी जांच के दायरे में आ सकता है। इसलिए किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता दूसरे के इस्तेमाल के लिए देने से बचना चाहिए।
बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करने की अपील
ग्रामीणों को बैंक खाता संख्या, एटीएम/डेबिट कार्ड की जानकारी, पिन, ओटीपी, मोबाइल बैंकिंग एवं इंटरनेट बैंकिंग से संबंधित गोपनीय जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंक या किसी अधिकृत संस्था के नाम पर फोन करने वाले व्यक्ति के साथ भी संवेदनशील बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सत्यापन करना जरूरी है।


साथ ही ग्रामीणों से अपील की गई कि यदि किसी अज्ञात या संदिग्ध स्रोत से उनके बैंक खाते में राशि आती है तो उसे स्वयं किसी दूसरे खाते में ट्रांसफर न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल बैंक से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी देने की सलाह दी गई।
संदिग्ध लेन-देन पर तत्काल करें शिकायत
कार्यक्रम में बैंकिंग धोखाधड़ी और अनधिकृत लेन-देन की स्थिति में तत्काल शिकायत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि समय पर सूचना देने से नुकसान को कम करने और संदिग्ध लेन-देन पर कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
ग्रामीणों को साइबर अपराध से बचने के लिए अज्ञात लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध कॉल एवं संदेशों से सावधान रहने और किसी भी प्रकार के लालच में आकर बैंकिंग लेन-देन नहीं करने की सलाह दी गई।
भ्रष्टाचार के खिलाफ भी किया गया जागरूक
विजिलेंस जागरूकता अभियान के दौरान केवल साइबर अपराध ही नहीं, बल्कि रिश्वतखोरी एवं भ्रष्टाचार के खिलाफ भी ग्रामीणों को जागरूक किया गया। अधिकारियों ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने में आम नागरिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। लोगों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार को बढ़ावा नहीं देने का संदेश दिया गया।
बैंक की शिकायत निवारण व्यवस्था के बारे में भी ग्रामीणों को जानकारी दी गई, ताकि बैंकिंग सेवाओं से जुड़ी किसी समस्या या शिकायत के मामले में वे उचित माध्यम से अपनी बात रख सकें।
अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक होने के साथ-साथ अपने परिवार, मित्रों और आसपास के लोगों को भी म्यूल अकाउंट, साइबर ठगी, बैंकिंग धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करें।
कार्यक्रम के दौरान चंदन कुमार, मुन्ना कुमार, रौशन कुमार सहित अन्य ग्रामीण एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे। ग्राम सभा के अंत में उपस्थित लोगों ने ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने तथा भ्रष्टाचार-मुक्त एवं जागरूक समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।

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