अखिलेंद्र कुमार
पटना(अपना नालंदा)। मॉडल विद्यालयों में विषयवार शिक्षकों के पदस्थापन के लिए हुई चयन प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए तेजस्वी फैंस एसोसिएशन की सचिव गायत्री देवी ने जिला शिक्षा पदाधिकारी, पटना को शिकायत पत्र सौंपकर व्यापक अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। शिकायत में चयन प्रक्रिया को पूरी तरह रद्द कर नए सिरे से पारदर्शी तरीके से भर्ती कराने की मांग की गई है।
गायत्री देवी द्वारा 22 मई 2026 को दिए गए आवेदन में कहा गया है कि मॉडल विद्यालयों के लिए शिक्षकों के चयन में निर्धारित मानकों की अनदेखी की गई है। आरोप है कि योग्यता और उपलब्धियों के आधार पर अधिक अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को चयन सूची से बाहर कर दिया गया, जबकि आवश्यक मानदंड पूरे नहीं करने वाले कुछ अभ्यर्थियों का चयन कर लिया गया। इससे पूरी चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न लग गया है।
शिकायत में व्यवसाय अध्ययन (बिजनेस स्टडीज) विषय की अभ्यर्थी तसनीम कौसर का उदाहरण दिया गया है। आवेदन के अनुसार तसनीम कौसर ने अपने आपत्ति पत्र में दावा किया है कि उन्होंने शैक्षणिक नवाचार, ई-कंटेंट निर्माण तथा कक्षा संचालन में तकनीकी संसाधनों के उपयोग से संबंधित सभी आवश्यक प्रमाण साक्षात्कार बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किए थे। इसके बावजूद उन्हें इन मापदंडों में शून्य अंक प्रदान कर दिए गए। दूसरी ओर चयनित अभ्यर्थी जयति कुमारी को इन बिंदुओं पर अधिक अंक दिए गए, जबकि उनके आवेदन पत्र में शिक्षण अनुभव, मूल्यांकन कार्य, सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-कंटेंट से संबंधित कार्यों के कॉलम में ‘नहीं’ अंकित था।
शिकायतकर्ता का आरोप है कि चयनित अभ्यर्थी द्वारा मूल्यांकन कार्य अथवा ई-कंटेंट निर्माण का कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने के बावजूद उन्हें अंक प्रदान किए गए। इससे यह आशंका मजबूत होती है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में पक्षपात अथवा मनमानी की गई है। आवेदन में कहा गया है कि यदि प्रस्तुत दस्तावेजों और प्राप्तांकों का निष्पक्ष मिलान कराया जाए तो कई विसंगतियां सामने आ सकती हैं।
गायत्री देवी ने यह भी आरोप लगाया है कि चयन प्रक्रिया में अन्य कई ऐसे मामले हैं, जिनमें अधिक योग्य अभ्यर्थियों को नजरअंदाज कर कम योग्य उम्मीदवारों का चयन किया गया। उन्होंने दावा किया कि आवश्यकता पड़ने पर ऐसे अन्य मामलों से संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि कुछ ऐसे अभ्यर्थियों का चयन किया गया है, जिन्हें नियमानुसार चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं होना चाहिए था। उदाहरण के तौर पर टीआरई-3 श्रेणी से जुड़े एक अभ्यर्थी का चयन किए जाने का आरोप लगाया गया है, जिसकी सूची क्रमांक 473 बताई गई है।
शिकायतकर्ता ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से संपूर्ण चयन प्रक्रिया की उच्चस्तरीय जांच कराने, चयन सूची को निरस्त करने तथा नई विज्ञप्ति जारी कर पूरी पारदर्शिता के साथ शिक्षकों का पुनः चयन कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो उच्च अधिकारियों और संबंधित विभागों के समक्ष विस्तृत शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
इस शिकायत के सामने आने के बाद मॉडल विद्यालय शिक्षक चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और निष्पक्षता को लेकर शिक्षा जगत में चर्चा तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
मॉडल विद्यालय शिक्षक चयन में धांधली के आरोप, जांच की मांग तेज
Written by Sanjay Kumar
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