संजय वर्मा
नवादा(अपना नालंदा)। जिले के स्वास्थ्य विभाग में कथित भ्रष्टाचार और पांच रुपए में इलाज के दावों को लेकर शुक्रवार को पूर्व श्रम राज्यमंत्री राजबल्लभ प्रसाद ने पथरा इंग्लिश स्थित अपने आवास पर प्रेस सम्मेलन आयोजित कर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि धर्मशीला देवी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालकों के विरुद्ध मुफस्सिल थाना नवादा में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
पत्रकारों को संबोधित करते हुए राजबल्लभ प्रसाद ने एफआईआर की प्रति दिखाते हुए कहा कि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड की खरीद-फरोख्त और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करोड़ों रुपए की बीमा राशि हड़पने का मामला सामने आया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पांच रुपए में इलाज का प्रचार कर मरीजों और गरीब लोगों को भ्रमित किया जा रहा है तथा स्वास्थ्य बीमा योजनाओं का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि इस मामले में सदर अस्पताल नवादा में तैनात कुछ स्वास्थ्यकर्मियों की संलिप्तता की भी आशंका है, जिसकी निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच आवश्यक है। इस संबंध में मुफस्सिल थाना नवादा में कांड संख्या 155/2026 दिनांक 7 मई 2026 को प्राथमिकी दर्ज की गई है।
एफआईआर के अनुसार मामले के सूचक जितेंद्र कुमार, बीओएसएम बजाज जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड के कर्मी हैं। आरोप है कि फर्जी कागजातों और अवैध प्रक्रियाओं के माध्यम से बीमा कंपनी से स्वास्थ्य बीमा की बड़ी राशि प्राप्त की गई। दस्तावेजों के अनुसार शंभू कुमार, निशांत शर्मा, गौरव कुमार, रोहित कुमार और सिमरन कुमारी समेत कई नामों पर अस्पताल द्वारा करोड़ों रुपए के बीमा दावे किए गए, जिनमें से अधिकांश राशि स्वीकृत और भुगतान भी हो चुका है।
पूर्व मंत्री ने संबंधित जांच अधिकारियों और वरीय प्रशासनिक पदाधिकारियों से मांग की कि धर्मशीला देवी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल केंदुआ नवादा के संचालन की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए तथा जांच पूरी होने तक अस्पताल को तत्काल प्रभाव से सील किया जाए, ताकि सरकारी राजस्व की क्षति रोकी जा सके और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।







