बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के समर्थन में 26 फरवरी 2026 को प्रस्तावित एक दिवसीय धरना कार्यक्रम को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ को लिखित आवेदन सौंपा गया है। धरना का आयोजन अस्पताल चौक पर अतिपिछड़ा/दलित/अल्पसंख्यक संघर्ष मोर्चा तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच के संयुक्त तत्वावधान में सुबह 10 बजे से किया जाएगा।
मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामदेव चौधरी और मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल पासवान ने संयुक्त बयान में कहा कि यूजीसी का गठन प्रारंभ में वर्ष 1945 में अलीगढ़, बनारस और दिल्ली के केंद्रीय विश्वविद्यालयों की देखरेख हेतु किया गया था। बाद में 1947 में इसकी जिम्मेदारी सभी भारतीय विश्वविद्यालयों तक बढ़ाई गई। 1948–49 के विश्वविद्यालय शिक्षा आयोग की सिफारिश पर इसे पुनर्गठित किया गया तथा 28 दिसंबर 1953 को इसका औपचारिक उद्घाटन हुआ। वर्ष 1956 में संसद द्वारा पारित अधिनियम के बाद यह वैधानिक संस्था बन गई, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालय शिक्षा के मानकों का समन्वय, निर्धारण और संरक्षण करना है।
नेताओं ने बताया कि 13 जनवरी 2026 को यूजीसी द्वारा जारी नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा में “जाति आधारित भेदभाव” को स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़े वर्गों के छात्रों को संरक्षण मिलेगा। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे और प्रशासन से नियमों के समर्थन में पहल की मांग करेंगे।







