मैट्रिक परीक्षा के लिए नालंदा तैयार, चप्पल नियम से सीसीटीवी तक कड़ा प्रबंध

Written by Sanjay Kumar

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अखिलेंद्र कुमार
बिहारशरीफ (अपना नालंदा)। नालंदा जिले में मैट्रिक परीक्षा 2026 को स्वच्छ, निष्पक्ष और कदाचारमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से शनिवार को नगर भवन में केंद्राधीक्षकों और दंडाधिकारियों की ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अपर समाहर्ता राजीव रंजन कुमार सिन्हा ने की। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि बिहार विद्यालय परीक्षा समिति द्वारा जारी सभी दिशा-निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित किया जाए।
जिले में परीक्षा 17 फरवरी से 25 फरवरी 2026 तक दो पालियों में आयोजित होगी। कुल 36 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें बिहारशरीफ में 18, राजगीर में 9 तथा हिलसा में 9 केंद्र शामिल हैं। परीक्षा में 22,666 छात्र और 22,658 छात्राएं, कुल 45,324 परीक्षार्थी शामिल होंगे। छात्राओं के लिए 15 तथा छात्रों के लिए 21 केंद्र निर्धारित किए गए हैं।
प्रशासन ने परीक्षा के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया है। केंद्राधीक्षक को छोड़ किसी भी कर्मी को मोबाइल ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों को प्रथम पाली के लिए सुबह 9:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक ही प्रवेश मिलेगा। विलंब से आने वालों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
परीक्षा केंद्रों पर 77 स्टैटिक दंडाधिकारी, 17 गश्ती दल, 8 उड़नदस्ता तथा 6 सुपर जोनल दंडाधिकारी तैनात रहेंगे। सभी केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, वीडियोग्राफी, रेंडमाइजेशन से वीक्षक नियुक्ति तथा महिला दंडाधिकारी की तैनाती सुनिश्चित की गई है। केंद्र के 500 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू रहेगी और आसपास की फोटोस्टेट व स्टेशनरी दुकानों की जांच भी की जाएगी।
अपर समाहर्ता ने स्पष्ट कहा कि परीक्षा संचालन में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और सभी विभाग आपसी समन्वय से शांतिपूर्ण परीक्षा सुनिश्चित करें। बैठक में सभी अनुमंडल पदाधिकारी, शिक्षा विभाग व पुलिस अधिकारी तथा संबंधित केंद्राधीक्षक उपस्थित थे।

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